Hindi poems

*जिन्दगी जीना सिखा रही थी… कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,फिर ढूँढा उसे इधर उधरवो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,वो सहला के मुझे सुला रही थीहम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे सेमैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,मैंने पूछ लिया- क्योंContinue reading “Hindi poems”

Urdu shayari

 *दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ। मैं न अच्छा हुआ बुरा न हुआ।।  *वो बारिश में कोई सहारा ढूँढता है फ़राज़ ।ऐ बादल आज इतना बरसकी मेरी बाँहों को वो सहारा बना ले ।। *और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा।राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा ।। *इस रास्ते के नाम लिखो एक शाम औरया इस मेंContinue reading “Urdu shayari”

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